हाले दिल पूछा
किसी ने फिर आज
तुम फिर याद आगये
कभी कभी
कितना सुकूं देता हैं
किसी का
बस यूँही
हमें भूल जाना
नहीं मिलने कि आस हैं
आज फिर मन उदास हैं
कभी कभी जिन्दगी मे कुछ ऐसे रिश्ते भी होते हैंजो हमारे नहीं होते पर हम याद उन्हे ही करते हैं
झूठ की दीवारे हैं जिनके घरो की उनकेपैरो तले जमीन कभी भी खिसक सकती है
कितनी शामे बीतीकितनी राते आयीपरवह सुबह नहीं आयीजब बीती शामऔरबीती रात कीयाद ना आयी